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चीन ने कर डाली पीएम, राष्ट्रपति और शाही परिवार तक की जासूसी, भारत और ब्रिटेन के हजारों लोगों का डेटा चोरी

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यहां चीन की एक कंपनी द्वारा 40 हजार लोगों की जासूसी की गई है. इस 40 हजार में ब्रिटेन का शाही परिवार भी शामिल है. (डेटा चोरी जासूसी)

नई दिल्ली: चीन से सिर्फ उसके पड़ोसी ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया परेशान है. चाहे चीन की व्यापारिक चेक बुक डिप्लोमेसी हो या फिर चीन की कंपनियों द्वारा लोगों दूसरे देशों के नागरिकों पर की जाने वाली जासूसी. लोगों की डेटा को जुटाने का काम चीन की तकनीकी कंपनियां करती हैं और उस डेटा को कंपनियां चीनी सरकार को मुहैया कराती हैं. हालांकि चीनी कंपनियां इस बात से इनकार करती रही हैं लेकिन दुनिया भर के देश इस बात को सिरे से खारिज करते रहे हैं. इसी बीच ब्रिटेन से चीन का एक और मामला सामने आया है. यहां चीन की एक कंपनी द्वारा 40 हजार लोगों की जासूसी की गई है. इस 40 हजार में ब्रिटेन का शाही परिवार भी शामिल है.

सोमवार की सुबह ही इस बात का खुलासा हुआ कि चीन भारत के 10 हजार लोगों की निगरानी कर रहा है. इसमें भारतीय प्रधामंत्री और राष्ट्रपति दोनों ही शामिल हैं. कुछ ऐसा ही मामला अब ब्रिटेन से सामने आ चुका है. ब्रिटेन में चीन द्वारा 40 हजार लोगों की जासूसी की गई है और उनका डेटा तैयार किया जा चुका है. ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि चीनी सरकार इस डेटा का इस्तेमाल अपने खूफिया तंत्र के इस्तेमाल के लिए कर रही हैं. 40,000 लोगों का डेटा चीनी कंपनी द्वारा चुराया गया है.

बता दें कि इस रिपोर्ट में ब्रिटेन की कई हस्तियों जैसे- राजनेता, अभिनेता, बिजनेसमैन, इत्यादि कई प्रसिद्ध लोगों के डेटा की चोरी की बात कही गई है. लेकिन इसमें सबसे अहम है वहां के प्रधानमंत्री बोरिस जोनसन और शाही परिवार की भी जासूसी की गई है. यही नहीं चीन की कंपनी ने अपराधियों तक का डेटा तैयार किया है. ब्रिटेन में यह किसी को नहीं पता कि चीनी कंपनी द्वारा कब से डेटा इक्ट्ठा किया जा रहा है

वहीं अगर भारत की बात करें तो यहां भी सोमवार की सुबह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. यहां अग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि चीन की एक कंपनी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दर्जनों कैबिनेट मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों, पूर्व सेनाध्यक्ष, जज, बॉलीवुड अभिनेता, तथा खिलाड़ियों समेत 10,000 लोगों की जासूसी की है. ऐसे में इस मामले के बाहर आने के बाद लोकसभा में इस मामले को उठाया गया. बताया जा रहा है कि चीन कंपनी इस डेटा को PLA के सात साझा करेगी. बता दें कि डेटा चोरी को लेकर ही भारत सरकार द्वारा अबतक चीन के 100 से अधिक मोबाइल ऐप्स पर बैन लगाया जा चुका है. क्योंकि ऐसा कहा जा रहा था कि ये चीनी ऐप कंपनियां सुरक्षित नहीं हैं. ऐसे में बैन लगाने के बाद अब चीन की चालबाजियों का एक एक करके खुलासा किया जा रहा है.

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