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फिर बन गया मैं ‘DREAM LEADER Of INDIA, October 2020!’

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1 November 2020 Today’s Motivation | DREAM LEADER Of INDIA OCT 2020| inspirational quotes in hindi , inspirational quotes | positive quotes | Today’s Motivation | success quotes | Manogayan KK | DREAM LEADER Of INDIA

Manogayan KK Hindi, inspirational quotes, 01 November 2020 positive quotes: आज हम आपको Today’s Motivation quotes ‘DREAM LEADER Of INDIA , success quotes बताने वाले हैं।

दोस्तों, हिन्दी साहित्य के एक महान कवि ‘सोहनलाल द्विवेदी’ की ये पंक्ति, “लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती!” आपने भी अवश्य ही सुनी होगी। मेरे मन में ये पंक्ति अक्सर गूंजा करती है पर शायद अब तक इतनी गहराई से महसूस नहीं हुई थी जितनी गहराई से आज ‘DREAM LEADER Of INDIA, October 2020 बनने के बाद हो रही है। तो चलिए दोस्तों, आज मैं आपको अपनी इसी कोशिश की एक छोटी सी कोशिश के बारें बताना चाहता हूँ कि कैसे बना मैं ‘DREAM LEADER Of INDIA, October 2020!’

दोस्तों, विश्व के इस बेहतरीन रचनात्मक सामाजिक और प्रेरणात्मक नेतृत्व प्लेटफॉर्म ‘केके इंटरनैशनल माइंड एजुकेशन फॉर इंडिया’ की इस मुहिम से मैं 28 अगस्त को मेरे एक मित्र ‘गजेंद्र सैनी जी’, जो कि इसी प्लेटफॉर्म पर स्वयं एक ‘ड्रीम लीडर’ हैं, के WhatsApp Status पर लगे ‘मनोज्ञान के एक Gem’ के जरिए जुड़ा था। उस दिन जब उनके स्टेटस पर वो Gem देखा तो मैंने अपने मित्र ‘गजेंद्र सैनी जी’ को फ़ोन कर उनसे KK सर के बारे में पूछा। उन्होंने मुझे उनके KK सर के साथ हुए अपने सारे अनुभव बताये। सारी बातें सुनने के बाद मैंने KK सर को व्हाट्सएप किया जिसके बाद उन्होंने मुझे कॉल किया और हमारे बीच पहली बार बात हुई। और अगले ही दिन 29 अगस्त से मैंने ‘मनोज्ञान के Gems को’ अपने सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिया। लेकिन संयोगवश 1 सितंबर को ही मेरी दादी जी का देहांत होने के कारण मैं इन Gems को अधिक से अधिक सोशल मीडिया पर नहीं पहुंचा सका। परन्तु उसके बाद भी लॉकडाउन की वजह से बदली परिस्थितियों ने मुझे अपनी गिरफ़्त में ले लिया और धीरे-धीरे मेरे सामने अँधेरा छाने लगा। लेकिन मेरे मन में महान कवि ‘सोहनलाल द्विवेदी’ की पंक्ति, “लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती!” आती और मैं अपने आप से ही पूछता कि कैसे! आख़िर कैसे कोई कोशिश कामयाब होती है! मुझे लगने लगा कि ये सब कहने की बातें हैं वास्तविकता में ऐसा कुछ नहीं होता! लेकिन एक बार फिर हिम्मत करके मैंने ‘मनोज्ञान की मुहिम’ पर ध्यान देना शुरू कर दिया ये सोचकर कि इसमें मेरा क्या लग रहा है। और ऐसा सोचकर ‘मनोज्ञान के Gems’ को रोज़ खूब गहराई पढ़ने लगा, सोचने लगा और समझने लगा। और धीमे-धीमे ‘मनोज्ञान के Gems’ को अपने सभी सोशल मीडिया एप्प्स पर निरंतर शेयर करना स्टार्ट कर दिया। अब मैंने इस ‘मनोज्ञान की मुहिम’ को बहुत सीरियसली लेना शुरू कर दिया। सबसे पहले मैंने देखा कि मैंने जो व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था जिसमें मैंने काफी लोगों को जोड़ा था उसमें केवल 63 पार्टिसिपेंट्स ही रह गए थे। इस बारे में KK सर से बात होने के बाद, मैं सभी को ब्रॉडकास्टिंग के माध्यम से पर्सनल मैसेज भेजने लग गया जिसके लिए मैंने 5 ब्रॉडकास्ट लिस्ट बना ली जिनके माध्यम से ‘मनोज्ञान के Gems’ को अब मैं रोज़ाना लगभग 1100 लोगों को पर्सनली भेजने लगा। इसके साथ ही मैंने अपना एक फेसबुक पेज भी बनाया जिसे अब तक 121 लोगों ने लाइक कर लिया है। मेरे व्हाट्सएप्प स्टेटस को भी रोज़ लगभग 150 views मिल जाते हैं। साथ ही साथ मैंने ‘मनोज्ञान के Gems’ को Instagram, ShareChat, Twitter पर भी पोस्ट करना शुरु कर दिया। शेयरचैट पर मुझे लगभग 700 के ऊपर views मिल जाते हैं। फेसबुक पर ‘मनोज्ञान के Gems’ को मैं रोज़ नए-नए व्यक्तियों को टैग (Tag) करके पोस्ट करने लगा जिससे कि ‘मनोज्ञान की मुहिम’ को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। मेरे इतना बताते-बताते अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि ‘मनोज्ञान’ को क्यों हर एक व्यक्ति तक पहुँचाना जरूरी है! तो दोस्तों, इसका जवाब मुझे भी तब मिला था जब मैं ‘मनोज्ञान के Gems’ को रोज़ खूब गहराई पढ़ने, सोचने और समझने लगा था। लॉकडाउन के बाद मैंने जो तकलीफें, उलझनें और मुश्किलें महसूस की उसके बाद ‘मनोज्ञान के Gems’ से मुझे जो सबसे ख़ास बात महसूस हुई है वो ये है कि ‘मनोज्ञान’ मन का साधारण ज्ञान नहीं बल्कि ‘मन का वो रचनात्मक ज्ञान’ है जो किसी भी मन को किसी भी तरह के दुःख, दर्द, दबाव, तनाव अथवा अवसाद से एक ऐसे रचनात्मक ढंग से बाहर निकाल लाता है जो उस इंसान ने कभी सोचा भी नहीं होता है। मन का साधारण ज्ञान तो हर गली नुक्कड़ पर बैठा व्यक्ति मुफ़्त में ही देता रहता है लेकिन वो कुछ देर के मनोरंजन के सिवाय कुछ नहीं करता। हाँ, ये सच है कि किसी को ‘मनोज्ञान’ का वास्तविक भाव समझने में समय लग सकता है। परन्तु यदि वह ‘मनोज्ञान’ का गूढ़ अर्थ समझ आने तक समझने का प्रयास करता रहे तो ज़िन्दगी की ऐसी कोई परेशानी नहीं जिसका कोई रचनात्मक हल न मिले। ‘मनोज्ञान’ अर्थात मन का ज्ञान वो जादू की छड़ी है जो जीवन की किसी भी समस्या का समाधान दे देती है लेकिन इसके लिए व्यक्ति को मन का वास्तविक ज्ञान होना चाहिए! क्योंकि ‘मनोज्ञान’ उसे उसके अंदर मौजूद उसके सर्वश्रेष्ठ तक पहुँचा देता है। जो कोई ‘मनोज्ञान’ का अनुसरण कर उसे पढ़ेगा, सोचेगा और समझेगा वो अपने ‘मन के सर्वश्रेष्ठ’ तक पंहुच जायेगा। और हिन्दी साहित्य के महान कवि ‘सोहनलाल द्विवेदी’ की पंक्ति, “लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती!” का वास्तविक अर्थ समझ आ जायेगा।

अगर आप भी किसी भी तरह के दुःख, दर्द, दबाव या तनाव से लड़ रहे हो परन्तु फिर भी आपका मन कुछ ख़ास करना या पाना चाहता है तो ‘विश्व का ये बेहतरीन रचनात्मक ‘सामाजिक और प्रेरणात्मक नेतृत्व’ प्लेटफॉर्म – केके इंटरनैशनल माइंड एजुकेशन फॉर इंडिया’ आपका भी हार्दिक स्वागत करता है! चाहे आप ग़रीब हो या अमीर, बिना एक पैसा खर्च किये आप निःशुल्क प्रशिक्षण’ (Free Training) लेकर अपनी और अपने से जुड़े लोगों की ज़िन्दगी को संवारना शुरू कर सकते हैं!
धन्यवाद।
‘ड्रीम लीडर’ सांवर मल जाट

रचनात्मक ‘सामाजिक और प्रेरणात्मक नेतृत्व’ प्लेटफॉर्म – केके इंटरनैशनल माइंड एजुकेशन फॉर इंडिया’
WhatsApp @ 9667575858

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