Hamara Today
Hindi & Punjabi Newspaper

डर पर जीत मतलब मन पर जीत! Hamara Today News

0

डर पर जीत : अक्सर यह सुना और कहा जाता है कि हर इंसान एक ऐसी शक्ति के साथ जन्म लेता है जिससे वह कुछ भी कर सकता है। वह हर उस सपने को हक़ीकत में बदल सकता है जिसे वह खुली आँखों से देख सकता है। इतिहास में ऐसे कई उदाहरणों के होते हुए भी हम इस बात को ना समझ कर हर सफल व्यक्ति से सफल होने का रहस्य पूछते है।

चूंकि हम मुश्किल से ही कभी अपने आप को इतनी गहराई से जानने की कोशिश करते है कि हम उस जड़ तक पहुंच सके जो कि हमारी ज़िंदगी की सफलता में सबसे बड़ी बाधा होती है। यदि हम ठान ले उस जड़ को खोज निकालने का तो हमें पता चलेगा कि वह कुछ और नहीं परंतु हमारा अपना पैदा किया हुआ ‘डर‘ है जो हमें यह विश्वास दिलाने में कामयाब हो जाता है कि हम यह नहीं कर सकते।

वास्तव में यह ‘डर‘ ही एक ऐसी ताकत है जो की हमें हमारी अपनी ताक़त पर भी यक़ीन नहीं करने देता। और यह किसी भी रूप में हो सकता हैै। उदाहरणतः आलोचना का डर, अस्वीकार किए जाने का डर, खो देने का डर, और सबसे बड़ा डर – ‘असफलता का डर‘। ख़ास तौर पर यह तब हावी हो जाता है जब हम कुछ नया सोचने लगते है क्योंकि हमारा गुजरा हुआ बुरा कल हमारे साथ होता हैै। परिणामतः हम वो करते तो है किंतु एक ‘डर‘ के साथ। और हमारे अंदर उस काम को करने की पुरी ताक़त होते हुए भी हम उसे पूरी ताक़त के साथ नहीं कर पाते है। असफल होने पर सोचते है कि आखिर अपनी तरफ से पूरी कोशिश करने के बावजूद हम असफल क्यों हुए?

इतिहास साक्षी है कि तब तक कोई सफल नहीं हुआ जब तक कि उसने वह कार्य पूरी तरह से निडर होकर नहीं किया। अतः कैसे हम किसी भी तरह के डर का अंश मात्र होना भी स्वीकार कर सकते है यदि हम पूरे दिल से आंखों में बसे उस सपने को हक़ीकत में बदलते हुए देखना चाहते है? इस हेतु हमें धीमे धीमे खुद पर विश्वास बढ़ाते हुए अपना हौसला इतना बढ़ाना चाहिए कि हम उस हौसले में वो करे जिसे करने में हमें डर लगता है।

इस पर अमेरिकन हास्यकार और लेखक मार्क ट्वेन का मानना था कि आप वो करे जिसे करने से आप सबसे ज्यादा डरते हैं, उस डर का खत्म होना निश्चित हैं। अमेरिकन राप्टपति फैंकलिन डी. रुज़वेल्ट तब राप्ट्रपति बने जब अमेरिका बहुत बड़े अवसाद के दौर से गुजर रहा था। और उन्होंने अमेरिकन लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाते हुए अपने संबोधन में कहा कि हमें किसी बात से डर है तो यह केवल ‘डर‘ ही है, अगर हमने इसे जीत लिया तो हम इस संकट को भी जीत लेंगे।

वास्तव में, अगर कोई ताक़त है जो किसी को कुछ करने से रोक सकती है तो वह है उसका खुद का ‘डर‘। और अगर सबसे बड़ी कोई जीत है तो वह है इस डर पर जीत

मन विशेषज्ञ केके
WhatsApp @ 966 757 5858

Hamara Today न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. AcceptRead More