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नहीं रहे जाने-माने भजन गायक Narendra Chanchal, 80 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

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लंबी बीमारी की वजह से जाने-माने भजन गायक नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) का निधन हो गया है. आज (शुक्रवार) दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली. पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

‘चलो बुलावा आया है’ हो या ‘ओ जंगल के राजा मेरी मैया को लेके आजा’ जैसे भजनों से लोगों के दिलों में राज करने वाले जाने-माने भजन गायक नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) का आज 80 साल की उम्र में निधन हो गया. वो काफी समय से बीमार चल रहे थे. पिछले कुछ दिनों से उनका इलाज दिल्ली के अपोलो अस्पताल में चल रहा था. उन्होंने आज दोपहर करीब 12.15 बजे अंतिम सांस ली.
उन्होंने कई प्रसिद्ध भजनों के साथ हिंदी फिल्मों में भी गाने गाए थे. नरेंद्र चंचल के निधन पर उनके फैन्स और शुभचिंतकों में शोक का माहौल है. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

नरेंद्र चंचल के ये गाने सबसे ज्यादा हिट रहे (songs of Narendra Chanchal were the biggest hits)
‘चलो बुलावा आया है’ और ‘ओ जंगल के राजा मेरी मैया को लेके आजा’ जैसे गाने नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) की हिट लिस्ट में शामिल थे. इसके अलावा भी उन्होंने कई हिट गाने गाए. हर जगराते और पूजा-पाठ कार्यक्रम में उनका गाना बजाया जाता रहा है. साथ ही कई शोज भी वे करते रहते थे. वे जगरातों में जाकर भी गाना गाते थे.

अमृतसर में हुआ था जन्म (Was born in Amritsar)
बता दें, नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) का जन्म 16 अक्टूबर 1940 को अमृतसर के नमक हांडी में हुआ था. उनका बचपन बहुत ही धार्मिक वातावरण बीता. काफी संघर्ष के बाद उन्हें बॉलीवुड में काम मिला. उन्होंने बॉबी, बेनाम और रोटी कपड़ा और मकान जैसी कई फिल्मों में भी गाने गाए थे.
नरेंद्र चंचल ने बचपन से ही अपनी मां कैलाशवती को मातारानी के भजन गाते हुए सुना. मां के भजनों को सुन-सुनकर उन्हें भी संगीत में रुचि होने लगी. नरेंद्र चंचल की पहली गुरु उनकी मां थीं. इसके बाद चंचल ने प्रेम त्रिखा से संगीत सीखा, फिर वह भजन गाने लगे थे.

वैष्णो देवी के भक्त थे नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal was a devotee of Vaishno Devi)
बॉलीवुड में उनका सफर राज कपूर के साथ शुरू हुआ. फिल्म ‘बॉबी’ में उन्होंने ‘बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो’ गाया था. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में गाने गाए, लेकिन उन्हें पहचान मिली फिल्म ‘आशा’, में गाए माता के भजन ‘चलो बुलावा आया है’ से जिसने रातों रात उन्हें मशहूर बना दिया.
रेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) की बायोग्राफी भी आई थी. इसका नाम Midnight Singer है. उन्होंने अपनी बायोग्राफी Midnight Singer में अपने सफर के बारे में सबकुछ लिखा था. वो हर साल 29 दिसंबर को वैष्णो देवी भी जरूर जाया करते थे. वहां जाकर वे कार्यक्रम भी करते थे, लेकिन इस साल वे नहीं जा सके.

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