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क्या आपको सोना खरीदना चाहिए? पढ़िए पूरी रिपोर्ट

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नई दिल्ली: सोने का भाव 50 रुपये के करीब है. इस हफ्ते बुधवार को इसकी कीमत 48,589 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. कोविड-19 की महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता है. इस वजह से पीली धातु की चमक बढ़ने की संभावना है. सोने में तेजी की बदौलत गोल्ड म्यूचुअल फंडों ने एक साल में 40.39% रिटर्न दिया है. यह सभी एसेट क्लास में सबसे ज्यादा रिटर्न है.

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वीपी (कमोडिटी रिसर्च) नवनीत दमानी का कहना है, ”आईएमएफ ने 2020 में वैश्विक जीडीपी को लेकर अपना अनुमान और घटा दिया है. उसे लगता है कि महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान होने वाला है. यही वजह है कि सोना चढ़ रहा है.”

फंड्स मैनेजर्स का भी कहना है कि ग्लोबल अनिश्चितताओं के चलते सोने में तेजी जारी रह सकती है. निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के हेड कमोडिटीज और फंड मैनेजर विक्रम धवन का कहना है कि पिछले एक दशक में सोने के मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए मौजूदा स्तर पर भी सोने में निवेश की गुंजाइश दिखती है.

धवन का कहना, “गोल्ड ने पिछले एक दशक में बहुत कम गिरावट देखी है. एसेट क्लास के रूप में गोल्ड फंडों को कोई डिफॉल्ट जोखिम नहीं दिखा है, कोई क्रेडिट जोखिम नहीं है. भारत में दीर्घकालिक मुद्रास्फीति 7-8% रही है और सोने ने बराबर रिटर्न दिया है. कई वर्षों से सोने ने अपनी उपयोगिता साबित की है और इसलिए हम सोने में निवेश बढ़ता देख रहे हैं. ”

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने में उतार-चढ़ाव दिख सकता है. बुधवार को सोना साढ़े सात साल के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद बिकवाली के कारण कुछ गिरा है. निवेशक अन्य परिसंपत्ति वर्गों के साथ-साथ कीमती धातु बेच रहे हैं क्योंकि दुनिया में कोरोना से संक्रमण के मामलों में तेज बढ़ोतरी से लोग नकदी के लिए सोना बेच रहे हैं.

नवनीत दमानी का कहना है कि COMEX पर सोने का भाव 1750-1778 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार कर सकता है. घरेलू मोर्चे पर कीमतें 47,950-48,300 रुपये के दायरे में रह सकती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना महामारी खत्म होने और अमेरिकी चुनावों को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है. इसका सोने को लाभ मिलेगा. आंकड़ों से पता चलता है कि 2001 और 2008 में, आर्थिक संकट के बाद दूसरे एसेट क्लास के मुकाबले सोना खूब चढ़ा था.

म्यूचुअल फंड मैनेजर्स छोटे निवेशकों को एक खास सलाह दे रहे हैं. धवन ने कहा, ‘2013 में सोना 35,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था. तब निवेश करने वाले निवेशकों को लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिला है. हालांकि, जिन निवेशकों ने धीरे-धीरे सिप के जरिये सोने में निवेश किया है उन्हें 10 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिला.” धवन की सलाह है कि छोटे निवेशकों को सोने में सिप के जरिये निवेश करना चाहिए. उनका कहना है कि 2001 में सोना ने निचले स्तरों को छूने के बाद 240% रिटर्न दिया. 2008 में इसने 170% रिटर्न दिया

पीएक्सजी के कंसल्टेंट गौरव मोंगा का कहना है कि सोने में बहुत ज्यादा निवेश से बचें. हां गोल्ड फंड या गोल्ड ईटीएफ में अपने पोर्टफोलियो का करीब 10-15% आवंटित करें. अगर आपके पास गोल्ड फंड्स हैं, तो सिप के जरिए निवेश करते रहें. यदि एक परिसंपत्ति वर्ग अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो उसमें आपको अपना सारा पैसा नहीं लगाना चाहिए. इसके अलावा, वर्तमान परिदृश्य में नकदी होना बहुत जरूरी है.

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