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गांवों में रजिस्ट्री के लिए आज से शुरू होगा ई-अपॉइंटमेंट

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Haryana News : हरियाणा की तहसीलों में जमीन के पंजीकरण में पारदर्शिता के लिए सरकार ने नया सिस्टम तैयार कर लिया है। जमीन से जुड़े विभागों – राजस्व, शहरी स्थानीय निकाय, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एचएसआईआईडीसी, विकास एवं पंचायत आदि विभागों को राजस्व विभाग की ई-पंजीकरण प्रणाली के साथ जोड़ा गया है। इस प्रणाली की सोमवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में समीक्षा की गई। बैठक में डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला मुख्य रूप से मौजूद रहे।

बैठक में नई प्रणाली का रिव्यू करने के बाद तय किया गया कि 11 अगस्त से प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि की रजिस्ट्री के लिए ई-अपॉइंटमेंट लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि कृषि भूमि के डीड का रजिस्ट्रेशन 17 अगस्त से शुरू होगा। शहरी क्षेत्रों में जमीन के रजिस्ट्रेशन के लिए ई-अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू होगी। जमीन का रजिस्ट्रेशन कब शुरू होगा, इसकी तारीख बाद में तय होगी।

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बैठक में सीएम को बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के ई-पंजीकरण के लिए मॉड्यूल राजस्व विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इसका परीक्षण पूरा हो चुका है और मंगलवार से राज्य के लोग ई-अपॉइंटमेंट ले सकेंगे। सीएम ने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में स्थित उस भूमि का पंजीकरण नहीं होगा, जो अर्बन एरिया डेवलपमेंट एक्ट-1975 के नियम-7ए के तहत घोषित/अधिसूचित है।

कुछ समय के लिए नियंत्रित क्षेत्र में भी डीड का पंजीकरण नहीं होगा। अर्बन एरिया एक्ट-1975 के तहत पंजीकरण कार्यों में अनियमितताओं की जांच पर निगरानी रखने के लिए अब नया सिस्टम तैयार किया है। इस तकनीक के तहत टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, शहरी स्थानी निकाय विभाग, पुलिस, एसएसवीपी सहित विभागों को वेब-हेलरिस एप्िलकेशन के साथ इंटरफेस किया गया है।

शहरों की 18 लाख संपत्तियों का डाटा अपलोड

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बैठक में बताया गया कि राज्य में शहरी क्षेत्रों में कुल 32 लाख संपतियां हैं। इनमें से 18 लाख संपत्तियों के डाटा को विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। शेष संपत्तियों को भी 31 अक्तूबर तक एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। हरियाणा राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की लगभग 3.48 लाख संपत्तियां हैं और 2009 से इन सभी संपत्तियों का डाटा डिजिटल किया जा चुका है। 58,000 अधिगृहीत भूमि में से लगभग 26,000 भूमि का डाटा राजस्व विभाग की ई-पंजीकरण प्रणाली के साथ जोड़ दिया गया है।

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